8वां वेतन आयोग केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव लाने वाला है। यह आयोग हर 10 साल में बनाया जाता है, ताकि वेतन, पेंशन और भत्तों की समीक्षा हो सके। 7वें वेतन आयोग की अवधि 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो चुकी है, इसलिए 1 जनवरी 2026 से नए संशोधित वेतन संरचना की उम्मीद की जा रही है। इससे लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को फायदा होगा, और उनका आर्थिक स्तर मजबूत बनेगा।
8वें वेतन आयोग का प्रभाव कब और कैसे पड़ेगा?
सबसे पहले यह आयोग केंद्रीय कर्मचारियों पर लागू होगा। उसके बाद विभिन्न राज्य सरकारें इसे अपने कर्मचारियों के लिए अपनाएंगी। पिछले वेतन आयोगों के अनुभव से पता चलता है कि अधिकांश राज्य केंद्र की सिफारिशों को अपनाते हैं, लेकिन लागू करने का समय अलग-अलग हो सकता है।
केंद्र सरकार राज्यों को दिशा-निर्देश जारी करेगी, लेकिन राज्यों पर कोई जबरदस्ती नहीं होगी। आर्थिक रूप से मजबूत राज्य जल्दी इसे लागू करने में आगे रहते हैं।
सबसे पहले इन राज्यों में लागू होने की संभावना
पिछले पैटर्न को देखते हुए कुछ राज्य 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों को सबसे पहले अपना सकते हैं। ये राज्य हैं:
- उत्तर प्रदेश
- महाराष्ट्र
- गुजरात
- तमिलनाडु
- असम
असम में पहले से ही इसकी घोषणा हो चुकी है, और अन्य राज्य आर्थिक क्षमता के आधार पर तेजी दिखा सकते हैं।
फिटमेंट फैक्टर क्या होगा? (अनुमानित)
फिटमेंट फैक्टर वेतन और पेंशन को संशोधित करने का मुख्य आधार होता है। यह वर्तमान बेसिक पे को गुणा करके नया बेसिक तय करता है। विभिन्न विशेषज्ञों और रिपोर्ट्स के अनुसार, 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 1.83 से 2.86 तक हो सकता है।
- अगर फिटमेंट फैक्टर 2.28-2.57 के आसपास रहता है, तो न्यूनतम बेसिक पे ₹32,000 से ₹51,000 तक पहुंच सकता है (वर्तमान में ₹18,000 है)।
- इससे कर्मचारियों की औसत सैलरी में 20% से 35% तक की बढ़ोतरी की उम्मीद है।
- पेंशनभोगियों की पेंशन भी इसी फैक्टर से संशोधित होगी, जिससे उनकी मासिक आय में अच्छी वृद्धि होगी।
(ध्यान दें: ये आंकड़े अनुमानित हैं। अंतिम फैसला आयोग की सिफारिशों और सरकार के फैसले पर निर्भर करेगा।)
वेतन बढ़ोतरी का क्या असर होगा?
8वां वेतन आयोग लागू होने पर:
- बेसिक पे में मुख्य बढ़ोतरी होगी।
- डीए (Dearness Allowance), एचआरए और अन्य भत्ते नए बेसिक पर आधारित होंगे।
- यदि रेट्रोस्पेक्टिव प्रभाव से 1 जनवरी 2026 से लागू होता है, तो कर्मचारियों को एरियर (बकाया राशि) भी मिल सकती है।
- पेंशनर्स को भी बेहतर पेंशन और जीवन स्तर मिलेगा।